आखिर मेरी तलाश पूरी हुई
पर आस पूरा होना, अभी बाकी है
आखिर मुझे जो कहना था, कह गया
पर अब उसका कहना, अभी बाकी है
उसकी बातों का जादू तो चल गया मुझ पर
पर मेरी बातों का जादू चलना, अभी बाकी है
मेरी धड़कने तो जैसे थम सी गई है
पर उसकी धड़कनों का बढ़ना, अभी बाकी है
काफी कोशिशों के बावजूद बच ना सका इस मोह से
शायद उसका भी इससे बच पाना, अभी बाकी है
मेरे दिल में जगह बनाने में तो वो कामयाब हो गई
पर उसके दिल में जगह बनाना, अभी बाकी है
मेरे ख्यालों में तो वो हर पल आती है
पर उसके ख्यालों में मेरा आना, अभी बाकी है
मुझे जितना बेचैन,बेकरार होना था, हो चुका
पर उसका बेचैन होना, अभी बाकी है
मैं तो अपने धैर्य की परीक्षा दे चुका
पर उसके धैर्य की परीक्षा, अभी बाकी है
मुझे जितना इंतजार करना था, कर चुका
पर उसके जवाब का इंतजार, अभी बाकी है
शायद, उसका हाँ कह पाना अभी मुश्किल है
इसलिए थोड़ा और इंतजार करना, अभी बाकी है
मुझे जितना तन्हा रहना था, रह चुका
पर अब उसका साथ पाना, अभी बाकी है
मुझे जितना दूर रहना था, रह लिया
पर अब उसके पास जाना, अभी बाकी है
मेरी नाव तो अभी भी मँझधार में है
उसका किनारे लगना, अभी बाकी है
मुझे उससे बेहद प्रेम है, पर वो कितना करती है
ये पता लगना, अभी बाकी है
परिस्थितियाँ कभी कभी अनुकूल नहीं होती
उनको अनुकूल बनाना, अभी बाकी है
मंजिल को पाने में रुकावटें तो आती हैं
पर उससे पीछे हटने के बजाय, सामना करना, अभी बाकी है
आखिर वो कब और कैसे समझेगी
या उसका और परीक्षा लेना अभी बाकी है,
उसे पाने की तलाश तो पूरी हुई
पर आस पूरा होना, अभी बाकी है
*राकेश वर्मा*
पर आस पूरा होना, अभी बाकी है
आखिर मुझे जो कहना था, कह गया
पर अब उसका कहना, अभी बाकी है
उसकी बातों का जादू तो चल गया मुझ पर
पर मेरी बातों का जादू चलना, अभी बाकी है
मेरी धड़कने तो जैसे थम सी गई है
पर उसकी धड़कनों का बढ़ना, अभी बाकी है
काफी कोशिशों के बावजूद बच ना सका इस मोह से
शायद उसका भी इससे बच पाना, अभी बाकी है
मेरे दिल में जगह बनाने में तो वो कामयाब हो गई
पर उसके दिल में जगह बनाना, अभी बाकी है
मेरे ख्यालों में तो वो हर पल आती है
पर उसके ख्यालों में मेरा आना, अभी बाकी है
मुझे जितना बेचैन,बेकरार होना था, हो चुका
पर उसका बेचैन होना, अभी बाकी है
मैं तो अपने धैर्य की परीक्षा दे चुका
पर उसके धैर्य की परीक्षा, अभी बाकी है
मुझे जितना इंतजार करना था, कर चुका
पर उसके जवाब का इंतजार, अभी बाकी है
शायद, उसका हाँ कह पाना अभी मुश्किल है
इसलिए थोड़ा और इंतजार करना, अभी बाकी है
मुझे जितना तन्हा रहना था, रह चुका
पर अब उसका साथ पाना, अभी बाकी है
मुझे जितना दूर रहना था, रह लिया
पर अब उसके पास जाना, अभी बाकी है
मेरी नाव तो अभी भी मँझधार में है
उसका किनारे लगना, अभी बाकी है
मुझे उससे बेहद प्रेम है, पर वो कितना करती है
ये पता लगना, अभी बाकी है
परिस्थितियाँ कभी कभी अनुकूल नहीं होती
उनको अनुकूल बनाना, अभी बाकी है
मंजिल को पाने में रुकावटें तो आती हैं
पर उससे पीछे हटने के बजाय, सामना करना, अभी बाकी है
आखिर वो कब और कैसे समझेगी
या उसका और परीक्षा लेना अभी बाकी है,
उसे पाने की तलाश तो पूरी हुई
पर आस पूरा होना, अभी बाकी है
*राकेश वर्मा*
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