Friday, 26 June 2015

मुझे तलाश है...

आज मेरी नाव किनारे तो लग गई
पर वो किनारा ना मिला 
जिसकी मुझे तलाश थी

आज मैं खुश तो हूँ
पर वो खुशी ना मिली
जिसकी मुझे तलाश थी

मंजिल तो मिली
पर ये मंजिल वो नहीं
जिसकी मुझे तलाश थी

साथ तो है उसका
पर वैसी नहीं
जैसी मुझे तलाश थी

जवाब तो है उसका
पर ये जवाब वो नहीं
जिसकी मुझे तलाश थी

उसके दिल में तो हूँ मैं
पर ये, वो जगह नहीं
जिसकी मुझे तलाश थी

उसकी खुशी में मेरी खुशी है
इसलिए उसकी खुशियों की तलाश है
एक दिन वो मुझे चाहे
ऐसे उसके जवाब की 
आज भी तलाश है

अब भी एक आस है
काश! वो दिन आये
जिसकी मुझे तलाश है

*राकेश वर्मा*

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