तुम ना मिली तो क्या हुआ
मैं पहले भी खुश था
और अब भी हूँ
क्योंकि तुमसे तो मुझे
वो खुशियाँ मिली
जिसकी मुझे उम्मीद न थी
क्योंकि तुमसे तो मुझे
वो अनुभव मिला
जिसकी मुझे उम्मीद न थी
क्योंकि तुमसे तो मुझे
कुछ सीखने को मिला
जिसकी मुझे उम्मीद न थी
क्योंकि तुमने तो मुझे
हर परिस्थितियों का सामना करना सीखाया
जिसकी मुझे उम्मीद न थी
क्योंकि तुम तो
मेरी प्रेरणा बन गई
जिसकी मुझे उम्मीद न थी
तुमने तो मुझे वो आशा दी
ताकि मेरे साथ कुछ बेहतर हो
जिस आशा की मुझे उम्मीद न थी
मुझे तो खुदा ने ऐसा दोस्त दिया
जिसकी बिलकुल भी उम्मीद न थी
इसलिए खुदा से बस यही एक दुआ है
कि ये दोस्ती न टूटे
तुम्हारा साथ न छूटे
ये दोस्ती सलामत रहे
*राकेश वर्मा*
मैं पहले भी खुश था
और अब भी हूँ
क्योंकि तुमसे तो मुझे
वो खुशियाँ मिली
जिसकी मुझे उम्मीद न थी
क्योंकि तुमसे तो मुझे
वो अनुभव मिला
जिसकी मुझे उम्मीद न थी
क्योंकि तुमसे तो मुझे
कुछ सीखने को मिला
जिसकी मुझे उम्मीद न थी
क्योंकि तुमने तो मुझे
हर परिस्थितियों का सामना करना सीखाया
जिसकी मुझे उम्मीद न थी
क्योंकि तुम तो
मेरी प्रेरणा बन गई
जिसकी मुझे उम्मीद न थी
तुमने तो मुझे वो आशा दी
ताकि मेरे साथ कुछ बेहतर हो
जिस आशा की मुझे उम्मीद न थी
मुझे तो खुदा ने ऐसा दोस्त दिया
जिसकी बिलकुल भी उम्मीद न थी
इसलिए खुदा से बस यही एक दुआ है
कि ये दोस्ती न टूटे
तुम्हारा साथ न छूटे
ये दोस्ती सलामत रहे
*राकेश वर्मा*
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