मैं तुम्हें याद करता हूँ
हर पल याद करता हूँ
हर जगह याद करता हूँ
खुद को तुमसे जोड़ता हूँ
कुछ बातों को तुमसे जोड़ता हूँ
कुछ बीते लम्हों को तुमसे जोड़ता हूँ
फिर खुद को खुद पर छोड़ता हूँ
कभी कभी तुम्हारी यादों की
गहराईयों में खो जाता हूँ
एक कल्पना की दुनिया में
तुम्हारा हो जाता हूँ
पर उस कल्पना से बाहर
हकीकत में जब आता हूँ
तो खुद को खुद के पास ही पाता हूँ
*राकेश वर्मा*
हर पल याद करता हूँ
हर जगह याद करता हूँ
खुद को तुमसे जोड़ता हूँ
कुछ बातों को तुमसे जोड़ता हूँ
कुछ बीते लम्हों को तुमसे जोड़ता हूँ
फिर खुद को खुद पर छोड़ता हूँ
कभी कभी तुम्हारी यादों की
गहराईयों में खो जाता हूँ
एक कल्पना की दुनिया में
तुम्हारा हो जाता हूँ
पर उस कल्पना से बाहर
हकीकत में जब आता हूँ
तो खुद को खुद के पास ही पाता हूँ
*राकेश वर्मा*
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